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मैंने भी शराब पी, देखा है घर बर्बाद होते हुए – अजीत जोगी
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने दिया भावनात्मक भाषण
रायपुर। राज्यपाल के अभिभाषण में शराबबंदी का जिक्र नहीं होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भावनात्मक भाषण दिया।
उन्होंने कहा कि मैंने भी शराब पी है। आदिवासी गांव से आता था, जहां सभी पीते थे, तो मैं भी पिया। लेकिन बाद में पता चला कि अगर कुछ बनना है, तो इससे अलग होना पड़ेगा।
जोगी ने संस्कृत का एक श्लोक सुनाया, जिसमें कहा कि राजा अगर प्रजा से किये वादे को पूरा नहीं करता है तो गंगासागर, रामेश्वर और प्रयाग तीनों तीर्थ करने से भी इसका पाप पूरा नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बर्बादी में शराब का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने अपने एक मित्र का जिक्र किया, जिसके पास 200 एकड़ जमीन थी, लेकिन शराब पीकर सब जमीन बेच दिया। उसकी पत्नी को रेजा का काम करना पड़ा।
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