August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़

डिजिटल फसल सर्वेक्षण हेतु राजस्व अमले को प्रशिक्षण, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत ‘डीसीएस’ ऐप के माध्यम से किया जाएगा रियल टाइम फसल सर्वेक्षण

 

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )।  राज्य शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण को लेकर सरगुजा जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य त्रुटिरहित फसल गिरदावरी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

प्रशिक्षण का पहला चरण 3 जुलाई 2025 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को सैद्धांतिक जानकारी दी गई। इसके पश्चात 23 जुलाई 2025 को ग्राम सरगवां में डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) ऐप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस दौरान पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार सहित राजस्व अमले ने खेतों में जाकर फसल सर्वेक्षण की वास्तविक प्रक्रिया का अभ्यास किया।

यह डिजिटल सर्वेक्षण डीसीएस ऐप के माध्यम से रियल टाइम किया जाएगा, जिसमें खेत की भौगोलिक स्थिति के साथ फसल की फोटो अपलोड की जाएगी। राज्य शासन द्वारा भू-नक्शों के जीव-रिफ्रेसिंग के पश्चात अब त्रुटिरहित फसल सर्वेक्षण संभव हो पाया है। इससे गिरदावरी की सटीकता बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।

इस परियोजना के तहत ग्राम के शिक्षित युवाओं को भी सर्वेयर के रूप में जोड़ा जा रहा है। इच्छुक युवा अपने तहसील कार्यालय या हल्का पटवारी के पास आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक खसरा सर्वेक्षण पर 10 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को तहसील स्तर पर प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से डिजिटल फसल सर्वे की विधियां सिखाई जाएंगी।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन OIC भू-अभिलेख  राम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में, अधीक्षक भू-अभिलेख श्रीमती स्मिता अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। प्रशिक्षण प्रदान करने में मास्टर ट्रेनर  रामराज सिंह, कृष्ण कंवर, अमितेश स्वर्णकार, राजबहादुर सिंह एवं देवेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close