August 30, 2025 |

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छत्तीसगढ़

टीबी मुक्त अभियान के तहत मितानिनों ने निक्ष्य मित्र बन कर लिया मरीजों को गोद

Gram Yatra Chhattisgarh
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बलौदाबाज़ार । टीबी से मुक्ति प्रदान करने हेतु देश भर में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान जारी है. कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिले के क्षय उन्मूलन कार्यक्रम द्वारा निक्ष्य मित्र बनने हेतु की जा रही प्रचार-प्रसार गतिविधियों से प्रेरित होकर कसडोल विकासखंड के मितानिन कार्यक्रम की 14 मितानिनों ने 14 टीबी के मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहयोग प्रदान किया है।

इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी ने बताया की प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत वर्ष 2025 तक देश भर से टीबी का उन्मूलन किया जाना है। अभियान के तहत टीबी के मरीजों की देखभाल की प्रक्रिया में समुदाय के सक्षम वर्ग जैसे व्यापारी,कर्मचारी, गैर सरकारी संगठन,जन प्रतिनिधि आदि का भी सहयोग लिया जाना है.जिन्हें निक्ष्य मित्र का नाम दिया गया है। इस कड़ी में कसडोल मितानिन कार्यक्रम की मितानिनों द्वारा निक्ष्य मित्र बन टीबी मरीजों को अपने खर्चे पर पोषण सहयोग किया गया। मितानिन जिन्होंने मरीजों को गोद लिया वह हैं पुष्पासिंग, गायत्री, चंद्रिका पटेल,रामकुंवार, उषा यादव, गुंजा पटेल, सुलोचनी सेन, उर्मिला यादव, शांति मरावी, रुक्मणि ध्रुव, धन पटेल, इतवारी निषाद, राम दुलारी, गीता।

इस संबंध में ग्राम मुढ़ीपार के पंचायत भवन में कार्यक्रम रखा गया जिसमें जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सीएमएचओ डॉ अवस्थी भी उपस्थित रहे। आये हुए मरीजों से उनकी सेहत के सम्बंध में जानकारी ली गई तथा जरूरी मेडिकल सलाह भी दी गई। कसडोल के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ रवि शंकर अजगल्ले ने बताया की ब्लॉक में इस प्रकार की गतिविधियां आगे भी ज़ारी रहेंगी लोगों को सहयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दो हफ्ते से अधिक की खाँसी, भूख न लगना, वजन में कमी, बलगम आना, शाम को हल्का बुखार, छाती में दर्द ये कुछ लक्षण हैं, जो टीबी को प्रकट करते हैं। ऐसे लक्षण होने पर टीबी की तत्काल जाँच करवानी चाहिए। जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में माइक्रोस्कोप तथा सी एच सी और जिला अस्पताल में एक्सरे और जीन एक्सपर्ट मशीन ट्रू नाट तथा सीबीनाट से जाँच की व्यवस्था है । यह जाँच और दवाई निःशुल्क है। उपचार 6 माह चलता है। दवाई का पूरा सेवन न करने पर टीबी ड्रग रेजिस्टेंस में बदलने का खतरा होता है। दवाई खाने के दौरान मरीज को शासन की ओर से निक्ष्य पोषण सहायता के रूप में प्रतिमाह 5 सौ की सहायता राशि भी मिलती है।

इस वर्ष अभी तक जिले में 759 टीबी के मरीज मिले हैं। इसमें  विकासखंड बलौदाबाजार में 219,भाटापारा में 141,कसडोल में 121,पलारी में 170 ,सिमगा में 108 केस पाए गए हैं। कुल केस में 162 ऐसे हैं जिन्हें फेफड़े से अलग अन्य अंगों में टीबी पाई गई है। उक्त कार्यक्रम में डीपीसी आलोक, दुबे, डीपीपीएम कौशलेश तिवारी, एस टी एस रामगोपाल साहू, आर एच ओ शशिकांत पाठक, टीबी मितान नरेंद्र कैवर्त्य,मितानिन कार्यक्रम से एस पी एस सती वर्मा मितानिन प्रशिक्षिका उषा यादव तथा रामकुंवार उपस्थित रहे।

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