August 30, 2025 |

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छत्तीसगढ़ में जारी है दूसरे सूर्यकांत का आतंक ! इस बार कोल का नहीं बल्कि मौत का कर रहा सौदा, नाम का खौफ ऐसा की न तो पुलिस न हो प्रशासन करती है कार्रवाई

Gram Yatra Chhattisgarh
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कोरबा, छत्तीसगढ़ में सूर्यकांत तिवारी को कौन नहीं जानता है, पिछली सरकार में ऐसा बोल बाला था सूर्या का की कोई ब्यूरोक्रेट उससे पंगा लेना मुनासिब नहीं समझता था। सूर्या की ही तरह एक और नाम है श्रीवास्तव का जो कथित तौर पर पूर्व सीएम का करीबी बताया जाता है। श्रीवास्तव की ब्लैक स्मिथ कंपनी राखड़ परिवहन का काम करती है राखड़ परिवहन में इनकी मनमानी को रोकने पिछली सरकार में किसी की हिम्मत नहीं थी, हिम्मत तो इस सरकार में भी नहीं है यही वजह है की नियमों की बात करने वाले बालको ने भी आंखे बंद ही रखी हुई है। इस कंपनी ने राखड़ परिवहन के नाम पर लोगो को केवल बीमारियां दी है। इनकी गाड़ियों के नीचे आकर न जाने कितनी ही जिंदगी खत्म हो गई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई आज भी उसी मनमाने तरीके से बालको में इनका काम बेधड़क जारी है, बालको के अधिकारियों ने सरकार जाने के बाद भी इस कंपनी के काम को बंद नहीं कराया बल्कि काम और बढ़ा दिया है कारण ये है की जितना जल्दी ये काम करते है उतना कोई और नहीं कर सकता है यही वजह है की इनकी राखड़ से भरी गाड़ियों में न तो तिरपाल ढका रहता है न ही रफ्तार पर नियंत्रण फिर चाहे ये रफ्तार किसी की जान ही क्यों न ले ले किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता है। कुछ ऐसा ही हाल आरकेटीसी, शांति इंजिकॉम (पूर्व राजस्व मंत्री के बेटे की कंपनी), बाबा ट्रांसपोर्ट, जे पी का भी है। ये लोग भी खुले में राख फेंकने में माहिर है प्रशासन को न जाने ये कौन सा लाभ देते है की इनकी गाड़ियों की न सुरक्षा चेकिंग होती है, न नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के नियमों की परवाह, न ओवर लोड की जांच होती है। ये लोग कागजों में तो लो लाइन एरिया में राख डालते है लेकिन हकीकत हर रिहायशी इलाके और सड़क किनारे राख के ढेर बता देंगे की कैसे नियमों को धता बताते कोरबा में अधिकारियों की मिली भगत से लोगो की जान का सौदा हो रहा है। हर रोज हजारों राखड़ से भरी गाडियां नियम विरुद्ध सड़कों पर खूनी खेल खेल रही है लेकिन कार्रवाई के नाम पर महीने में केवल 2 – 3 गाडियां ही मिलेंगे जिन पर नाम मात्र का जुर्माना लगता है। फिलहाल मौत के खेल में सब के सब शामिल है और जो आवाज उठाते है उनका मुंह बंद करा दिया जाता है। देखना होगा श्रम मंत्री के जिले में चल रहे इस मौत के खेल को रोकने कब पहल की जाती है। इस ख़बर की सीरीज जारी रहेगी बने रहिए ग्राम यात्रा न्यूज नेटवर्क के साथ…

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