August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
परिजनों से संपर्क में है बदमाश तोमर बंधु, कॉल ट्रेस से भी नहीं आ रहे पकड़ मेंकरंट लगने से लाइनमैन की मौत बिजली लाइन ठीक करते समय हादसामंदिर के पुजारी की खून से लथपथ मिली लाश, पुलिस को रंजिश का शकनक्सलियों के खुफिया डंप से बरामद हुई भारी मात्रा में सामग्री,हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहारमहानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहलएग्रीस्टेक पोर्टल में 1 लाख 17 हजार 512 किसानों ने कराया कृषक पंजीयनकोरबा के श्वेता हॉस्पिटल में चमत्कारी देखभाल : प्रीमैच्योर बच्चे की सफल उपचार यात्रा ने रचा विश्वास का नया अध्यायजीवन दायिनी साथी फाउंडेशन” छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सरोकार और बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल कीमुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहार
छत्तीसगढ़

महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित, छात्र-छात्राओं ने कृषि मंत्री से की थी अनियमितता की शिकायत

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सांकरा (पाटन) में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सांकरा, पाटन में दोषपूर्ण, नियम विरूद्ध भर्ती प्रक्रिया तथा प्रबंध मंडल के गठन में की गयी अनियमितता की शिकायत छात्र-छात्राओं ने कृषि मंत्री से की थी, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को स्थगित कर दी गयी है।

महात्मा गाँधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पाटन में सहायक प्राध्यापक के 35 पदों की भर्ती के लिए तैयार किए गए स्कोर कार्ड में भारी गड़बड़ी की शिकायत आयी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइड लाइन के अनुसार पीएचडी एवं नेट की परीक्षा के लिए पृथक-पृथक अंक देना था, जो कि नहीं किया गया था। इस कारण बड़ी संख्या में पीएच.डी उम्मीदवार उपलब्ध होते हुए भी गैर पीएच.डी धारी अभ्यर्थियों का चयन एवं नियुक्ति की गई थी।

विद्यार्थियों ने शिकायत में कहा कि सहायक प्राध्यापक की चयन समिति के गठन में भी दोषपूर्ण प्रक्रिया अपनाई गई थी। विश्वविद्यालय की चयन समिति में कुलसचिव द्वारा साक्षात्कार के अंक दिए गए थे, परंतु कुछ अभ्यर्थियों के चयन में कुलसचिव को अंक देने से रोक दिया गया था। साथ में सहायक प्राध्यापक की नियुक्तियों को अनुमोदन देने वाले प्रबंध मंडल का गठन भी त्रुटिपूर्ण किया गया था।

नामांकित व्यक्ति एवं विशेषज्ञ विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुरूप नहीं थे। इससे छत्तीसगढ़ प्रदेश के पात्र एवं पीएच.डी उपाधि प्राप्त अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में कम अंक देकर अन्य प्रदेश के उम्मीदवारों की नियुक्ति की गई थी। इन तथ्यों के अलावा भी अन्य तथ्य शिकायत पत्र में दिए गए थे, जिस पर संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की जाँच तीन सदस्यीय समिति गठित कर सात दिवस के भीतर करवाकर नियमानुसार आगामी कार्यवाही किये जाने का निर्णय प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम द्वारा लिया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close