August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
शिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: ओपी चौधरीराजस्व प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकृत करें अधिकारी: टंक राम वर्मासड़क दुर्घटना में घायल होने पर डेढ़ लाख का मुफ्त इलाजनगर सैनिक भर्ती हेतु चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम जारीराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जांजगीर के हॉकी मैदान से हाई स्कूल मैदान तक फिटनेस रैली का हुआ आयोजनइंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान परलोकप्रिय लोकगायक सुनील मानिकपुरी की मधुर आवाज़ से गूंजा चक्रधर समारोहछत्तीसगढ़ आदिवासी विकास विभाग में 18 करोड़ का फर्जीवाड़ा, जांच में दो सहायक आयुक्त गिरफ्तार, क्लर्क फरार…क्या सुध लेगी साय सरकार ?सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के दिए निर्देशनक्सलियों ने की शिक्षा दूत लक्ष्मण बारसे की हत्या
छत्तीसगढ़

शिक्षा व्यवस्था पर कड़ी कार्रवाई: 7 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

कोरिया (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। जिला कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के प्रयास तेज हो गए हैं। इसी क्रम में 26 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता ने जिले के कई स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में गंभीर खामियां पाए जाने पर 7 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की उपस्थिति पंजी, छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता का गहन मूल्यांकन किया। गुप्ता ने बच्चों को दी जाने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, किचन की साफ-सफाई का भी जायजा लिए। इस दौरान बैकुंठपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला पंडोपारा और महोरा स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों द्वारा अपने दायित्वों की अनदेखी के प्रमाण मिले।

इन शिक्षकों को देना होगा स्पष्टीकरण

सदन कुमार सिंह, मंजुलता बरवा, रितेंद्र सिंह, वीरेंद्र कुमार निषाद, बेबी सोनवानी, नीला सोनवानी, और पुष्पा भगत पर पढ़ाई की गुणवत्ता में कमी, छात्रों की उपस्थिति में गिरावट और शैक्षणिक सुधारों के प्रति उदासीनता बरतने की वजह से कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है।

कार्रवाई के निर्देश

इन शिक्षकों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। समय सीमा में जवाब न मिलने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्ती

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम छात्रों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने और शिक्षकों को अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close