August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़

बिलासपुर स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा है स्टेशन पुनर्विकास कार्य

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

बिलासपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। बिलासपुर रेलवे स्टेशन, जिसकी स्थापना 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुई थी, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय एवं देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है । यह स्टेशन न केवल यात्री सेवाओं बल्कि रेल परिचालन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यहां स्थित इलेक्ट्रिक लोकोशेड में बड़ी संख्या में विद्युत इंजनों का रखरखाव एवं संचालन किया जाता है ।

साथ ही, बीसीएन (ब्रॉड गेज कवरड वैगन) डिपो मालगाड़ियों की निरंतर आपूर्ति और प्रबंधन में सहयोग करता है, जबकि कोचिंग डिपो यात्री ट्रेनों के रखरखाव, सफाई एवं तकनीकी तैयारियों की प्रक्रिया को अंजाम देता है । इसके अतिरिक्त, बिलासपुर में स्थित गुड्स शेड आसपास के क्षेत्रों के लिए आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, खाद, कपड़े तथा अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के लदान और परिवहन को सुव्यवस्थित करता है । वर्तमान में यहां वंदे भारत ट्रेनों के अनुरक्षण हेतु एक उन्नत मेंटेनेंस डिपो का निर्माण किया जा रहा है, जिससे उच्च गति की ट्रेनों की सेवा एवं संचालन में और अधिक दक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी ।

इन सभी सुविधाओं की उपस्थिति बिलासपुर को रेलवे परिचालन का एक सशक्त और रणनीतिक केंद्र बनाती है । वर्तमान में बिलासपुर स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और परिचालनिक आवश्यकताओं से संबंधित कई कार्य प्रगति पर हैं, जिनसे यात्रियों को बेहतर अनुभव और रेलवे को अधिक दक्षता प्राप्त होगी । इसी क्रम में, बिलासपुर रेलवे स्टेशन से कटनी, नागपुर एवं झारसुगुड़ा की तीन प्रमुख दिशाओं में ट्रेनों का नियमित संचालन होता है, जिसके कारण स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की मात्रा अत्यधिक होती है और यह ट्रेनों की समयबद्धता को प्रभावित करता है ।

वर्तमान में बिलासपुर यार्ड में 25 से अधिक रेल लाइनें विद्यमान हैं, और यात्री तथा माल यातायात को संरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित बनाए रखने हेतु समय-समय पर यार्ड मॉडिफिकेशन आवश्यक होता है । इसी के तहत लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से यार्ड रीमॉडलिंग का कार्य किया जा रहा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के लिए ईआई पैनल सिस्टम की स्थापना भी की जा रही है । यार्ड की सतत निगरानी कर संरक्षा और तकनीकी पहलुओं, कमियों की पहचान कर उनका समाधान किया जाता है ।

इसी कार्य के अंतर्गत ट्रेन मूवमेंट से संबंधित लगभग 70 पॉइंट्स को दुरुस्त किया जाएगा । यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के अंतर्गत स्टेशन यार्ड में कई नई लाइनों का निर्माण, बाईपास कनेक्टिविटी, कोचिंग डिपो से डायरेक्ट मूवमेंट, क्लासिफिकेशन यार्ड एवं बीसीएन डिपो से सुगम संपर्क, साथ ही फ्लाईओवर लाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ।

इसके अतिरिक्त, मौजूदा लाइनों की रीडिज़ाइनिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का उन्नयन किया जा रहा है, जिससे क्रॉस मूवमेंट में कमी आएगी । इन सभी सुधारों के फलस्वरूप ट्रेनों की समयपालन में सुधार के साथ-साथ परिचालन की गति और दक्षता में भी उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित होगी । वर्तमान में बिलासपुर स्टेशन पर 8 प्लेटफार्म कार्यशील हैं । प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर प्रतिदिन 8 दैनिक ट्रेनों के साथ-साथ 9 साप्ताहिक, द्विसाप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक ट्रेनों का संचालन होता है ।

लगभग एक डेढ़ वर्ष पूर्व दुर्ग एवं रायपुर से कटनी की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें, जो कि प्लेटफार्म 1 से संचालित होती थी, को उसलापुर स्थानांतरित किया गया था । बिलासपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म 1, 2, 3, 4 एवं 5 से थ्रू ट्रेनों का संचालन होता है । क्रॉस लाइन से मेन लाइन पर आने के लिए ट्रेनों को कई पॉइंट और क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है, जिसमें समय लगता है । इस दौरान अन्य लाइनों की ट्रेनों को भी मेन लाइन में आने के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिससे समयबद्धता प्रभावित होती है । कोचिंग ट्रेनों की लंबाई कम होती है, जबकि मालगाड़ियाँ लंबी होती हैं ।

यार्ड से ट्रेन मूवमेंट प्लान करते समय क्रॉस मूवमेंट, लूप लाइन की लंबाई एवं ट्रेन की लंबाई इन चीजों का ध्यान रखा जाता है । इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्लेटफार्म क्रमांक 1 से डाउन दिशा की ओर, प्लेटफार्म क्रमांक 2 एवं 3 से अप और डाउन दोनों दिशाओं की, और प्लेटफार्म क्रमांक 4 एवं 5 से मुख्यतः अप दिशा की ट्रेनें संचालित की जाती हैं । प्लेटफार्म 6, 7 एवं 8 का उपयोग आमतौर पर यहां से शुरू या समाप्त होने वाली ट्रेनों के लिए किया जाता है ।

यदि एक ही दिशा की एक से अधिक ट्रेनें एक साथ आती हैं तो उन्हें सुचारू संचालन के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म पर लिया जाता है । यात्रियों की सुविधा हेतु बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर लिफ्ट, एस्केलेटर की व्यवस्था की गई है । प्लेटफार्म नंबर 2/3 एवं 4/5 पर रैम्प की सुविधा है । सभी प्लेटफार्मों पर खानपान के स्टॉल, प्लेटफार्म वेंडिंग एवं आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग की सुविधा उपलब्ध है । इसके अतिरिक्त यात्रियों के सुगम आवागमन को ध्यान में रखते स्टेशन पुनर्विकास में आवश्यक विशेष सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।

बिलासपुर स्टेशन का यह पुनर्विकास कार्य लगभग ₹392 करोड़ की अनुमानित लागत से किया जा रहा है । योजना के तहत 31 लिफ्ट एवं 21 एस्केलेटर, जैसी सुविधाएं भी शामिल है । प्लेटफार्म 9 एवं 10 का निर्माण कार्य प्रगति पर है और दो और अतिरिक्त प्लेटफार्म बनाए जाएंगे । इन प्लेटफार्मों के पूर्ण हो जाने के बाद झारसुगुड़ा की ओर से होकर कटनी की तरफ जाने वाली ट्रेनें प्लेटफार्म 9,10 और 11 से होते हुए आरओआर (रेल ओवर रेल) होकर उसलापुर के रास्ते गंतव्य को रवाना होंगी।

यह योजना स्टेशन पर क्रॉस मूवमेंट की समस्याओं को कम करेगी और परिचालन की रफ्तार में उल्लेखनीय सुधार लाएगी । बिलासपुर स्टेशन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रमुख परिचालन केंद्र है। यहाँ हो रहा यह पुनर्विकास कार्य न केवल वर्तमान यात्रीभार को बेहतर ढंग से वहन करेगा, बल्कि भविष्य में बढ़ती भीड़ और यातायात की मांग को ध्यान में रखते हुए, स्टेशन को पूर्ण रूप से भविष्य-उन्मुख बनाएगा । एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन यात्रियों को एक नई और उन्नत रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close