August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
कोरबा के 8 स्काउट्स, गाइड्स, रेंजर्स को मिला राष्ट्रपति पुरस्कारसांसद बृजमोहन के प्रयासों से हथबंद स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का ठहराव बहालफर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से नौकरी करने वाला नेत्र सहायक बर्खास्तपरिजनों से संपर्क में है बदमाश तोमर बंधु, कॉल ट्रेस से भी नहीं आ रहे पकड़ मेंकरंट लगने से लाइनमैन की मौत बिजली लाइन ठीक करते समय हादसामंदिर के पुजारी की खून से लथपथ मिली लाश, पुलिस को रंजिश का शकनक्सलियों के खुफिया डंप से बरामद हुई भारी मात्रा में सामग्री,हत्या के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहारमहानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहलएग्रीस्टेक पोर्टल में 1 लाख 17 हजार 512 किसानों ने कराया कृषक पंजीयन
छत्तीसगढ़

बस्तर में उतरेंगी केंद्रीय फोर्स की सात और बटालियन

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लाल आतंक (नक्सलवाद) के खिलाफ जंग में केंद्रीय फोर्स की सात और बटालियन को उतारने की तैयारी है। गृृह विभाग के अफसरों के अनुसार राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र से हरी झंडी मिल गई है। ऐसे में अतिरिक्त फोर्स की आमद मानसून के बाद शुरू हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सरकार बस्तर के नए क्षेत्रों में सुरक्षाबल और पुलिस कैंप खोलने की रणनीति बना चुकी है। अतिरिक्त फोर्स का उपयोग उन्हीं नए क्षेत्रों में होगा। मानसून का सीजन खत्म होते ही इस पर अमल शुरू कर दिया जाएगा।
बस्तर संभाग और उससे लगे हुए हिस्से इस वक्त नक्सलवाद के खिलाफ जंग का सबसे बड़ा रण क्षेत्र बने हुए हैं। वहां केंद्रीय फोर्स की करीब 50 बटालियन यानी लगभग 50 हजार से अधिक जवान तैनात हैं। इनमें सीआरपीएफ के साथ आइटीबीपी, बीएसएफ और एसएसबी आदि शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या सीआरपीएफ की है।
सूत्रों के अनुसार, जो सात और नई बटालियन जो आएंगी वह भी सीआरपीएफ की ही हैं। संवेदनशील मामला होने की वजह से अफसर मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार की तरफ से सात और बटालियन की मांग केंद्र सरकार से की गई है, शायद स्वीकृृति मिल जाएगी। पुलिस अफसरों के अनुसार बस्तर संभाग के ज्यादातर हिस्सों से नक्सलियों को पीछे धकेला जा चुका है, लेकिन अब भी काफी बड़ा इलाका ऐसा है, जहां शासन- प्रशासन की पहुंच नहीं है। विशेष रूप से नक्सलियों की अघोषित राजधानी कहे जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में आने वाले इलाके इसमें शामिल हैं।
फोर्स के दम पर चल रहा विकास
नक्सल आतंक की वजह से बस्तर संभाग विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है। हालांकि राज्य बनने के बाद से वहां काफी काम हुए हैं। विशेष रूप से सड़क नेटवर्क के मामले में। संभाग के ज्यादातर क्षेत्रों में फोर्स की कड़ी पहरेदारी में सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। सरकार ने अब सड़क निर्माण की जिम्मेदारी भी स्थानीय युवाओं को सौंपने का फैसला किया है।
राज्य के अनुपूरक बजट में 44 करोड़ का प्रावधान
राज्य में आ रही अतिरिक्त फोर्स के लिए सरकार ने अपने पहले अनुपूरक बजट में 44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। गृह विभाग के अफसरों के अनुसार इस राशि का उपयोग फोर्स के लिए अंदरूनी क्षेत्रों में मूलभूत अधोसंरचना निर्माण के लिए किया जाएगा।

Related Articles

Check Also
Close