March 15, 2025 |

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ग्राम यात्रा की ख़बर पर राजस्व मंत्री की लगी मुहर, भोज के बहाने सैकड़ों शिक्षकों को बंगले पर बुलाकर बांटा लिफाफा, गुणगान करा मांगी चुनावी मदद

Gram Yatra Chhattisgarh
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कोरबा । सच का साथी ग्राम यात्रा न्यूज नेटवर्क की ख़बर पर राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मुहर लगाई है। हमने 27 सितंबर को ही बताया था कि कैसे प्रलोभन देकर मंत्री ने बीएलओ से लेकर मतदान कर्मी की भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को अपने बंगले बुलाया था यहां साल श्रीफल के साथ पेटभर खाना खिलाया और घर लौटते लिफाफा भी थमाया गया है। मंत्री ने चुनिंदा अपने भक्तो को सामने खड़ा कर अपना कोरबा विकास के लिए अपना गुणगान करवाया और बदले में शिक्षकों से मदद भी मांगी। जिन स्वाभिमानी शिक्षकों को कोड ऑफ कंडक्ट की फिक्र थी वो बुलावे के बाद भी पार्टी में शामिल होने नहीं पहुंचे। मंत्री की धन बल से चुनाव जीतने की यह बानगी भर है की कैसे सरकारी मशीनरी का गलत तरीके से उपयोग किया जाता है वो शहर की जनता को बता दिए की शिक्षा के मंदिर में शिक्षा देने वाले गुरु (शिक्षक, शिक्षिकाओं) का उपयोग कर रहे है सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि , उसके बाद आनन-फानन में उनके तरह से सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा आम जनता को यह बताने का प्रयास किया गया की शिक्षक संघ के लोगो द्वारा राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से भेंट कर सम्मानित किया गया और अपनी मांगों को रखा गया, जबकि हकीकत तो ये है की मंत्री ने शिक्षकों को बुलाकर सम्मान किया और कैमरे बंद करा हाथ जोड़े। लेकिन बाद में कहानी के किरदार को उलट अलग ही पटकथा लिख दी गई। अब आप खुद समझ सकते हैं की अचानक भेंट व सोची समझी प्री प्लान भेंट में क्या अन्तर होता है , क्या मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बंगले पर हमेशा 1500 लोगों के लिए खान पान की व्यवस्था रहती है क्या, क्या हमेशा उनसे मिलने वाले लोगों को साल – श्रीफल सेठजी दिया करते है,, क्या सेठजी ने उक्त कार्यक्रम में जो लिफाफा बांटा वो हमेशा बांटते थे ,, यह सवाल कोरबा विधानसभा की जनता जानने को उत्सुक हैं,,

आम जनता बरसों से देखते आ रही है हर चुनाव में चुनाव ड्युटी शिक्षकों के जिम्मे रहतीं हैं ,, और प्रायः सभी चुनाव में अहम जिम्मेदारी शिक्षकों के जिम्मे होती है,, फिर वर्तमान में हुई कोरबा विधानसभा में ऐन चुनाव के पूर्व कोरबा विधानसभा के सभी शिक्षकों को सपरिवार निमंत्रण दे मिलने का तथा ख़ान पान करने का क्या अर्थ है,, क्या इससे ये अंदाजा लगाना गलत नहीं होगा कि कोरबा विधानसभा में होने वाली विधानसभा चुनाव निष्पक्ष नहीं होगा यहां सत्ता व धन-बल का खुलकर उपयोग होगा ,, ## हमारा फिर से यही सवाल क्या शिक्षकों को किसी भी पार्टी विशेष के कार्यक्रम में जाना उचित है??? ##, क्या शिक्षा विभाग के किसी भी कार्य को राजस्व मंत्री कराने में सक्षम है,, फिर इनके पास किस फरियाद लेकर गये शिक्षको पर अनुशासनहिंता का मामला नहीं बनता?? जवाब जानना जनता के अधिकार में है ,, जवाब आप का हक है जिला प्रशासन जवाब दे शिक्षा विभाग जवाब दे,, कोरबा के आम जनता जवाब के इंतजार में है।

ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़

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