August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
महानदी जल विवाद सुलझाने को छत्तीसगढ़ और ओडिशा ने शुरू की पहलएग्रीस्टेक पोर्टल में 1 लाख 17 हजार 512 किसानों ने कराया कृषक पंजीयनकोरबा के श्वेता हॉस्पिटल में चमत्कारी देखभाल : प्रीमैच्योर बच्चे की सफल उपचार यात्रा ने रचा विश्वास का नया अध्यायजीवन दायिनी साथी फाउंडेशन” छत्तीसगढ़ ने सामाजिक सरोकार और बच्चों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक सराहनीय पहल कीमुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवाना
छत्तीसगढ़

बालको ने टीबी रोग के रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए चलाया जागरूकता अभियान

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

 

 

बालकोनगर, 09 अगस्त 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने टीबी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला आरोग्य समिति (मास) और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) के सदस्यों के बीच जागरूकता को बढ़ाने के लिए किया गया। डॉ. जी.एस. जात्रा नोडल अधिकारी टीबी/एचआईवी कार्यक्रम, कोरबा के नेतृत्व में प्रशिक्षण दिया गया। कंपनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दो बैचों में 100 से अधिक सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य मास और वीएचएसएनसी सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्र में टीबी रोग नियंत्रण और रोकथाम को लेकर उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना। कार्यक्रम की मदद से मास और वीएचएसएनसी सदस्यों की क्षमता बढ़ाने के साथ सदस्यों द्वारा एक कार्य योजना विकसित करना जिससे टीबी रोग की चुनौतियों का सामना किया जा सके। कंपनी ने टीबी जागरूकता अभियान के तहत स्थानीय स्वास्थ्य निकाय (मास और वीएचएसएनसी) के 45 फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के रूप में तैयार किया। टीबी मुक्त भविष्य के लिए टीबी जागरूकता, पहचान, कारण, संपर्क ट्रेसिंग और परीक्षण में सुधार आदि के बारे में 600 से अधिक सामुदायिक सदस्यों को जागरूक किया गया।

टीबी से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार और स्वास्थ्य सुधार में उचित पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक संतुलित आहार प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने और टीबी दवाओं की प्रभावशीलता को बढ़ाने में मदद करता है। पोषणयुक्त आहार सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निक्षय मित्र पहल को लागू किया। इसके अंतर्गत कंपनी ने 56 गांवों के 22 टीबी रोगियों के आहार के लिए 6 महीने तक कर्मचारियों की स्वयंसेवा के माध्यम से वित्तीय सहायता दी गई। सहायता प्राप्त 90 प्रतिशत लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ तथा उपचाराधीन बाकी रोगियों के ठीक होने की संभावना सकारात्मक है।

 

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी अपने संयंत्र के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम से समुदाय में टीबी रोग की पहचान कर उनका करने में आसानी होगी। समुदाय के स्वास्थ्य देखभाल को सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाना है और इसके साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुदाय के कमजोर वर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।

 

डॉ. जी.एस. जात्रा नोडल अधिकारी ने बालको मितान भवन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि मास और वीएचएसएनसी के सदस्य समुदाय में टीबी रोग नियंत्रण और रोकथाम पर चर्चा करके जागरूकता बढ़ाने का कार्य करें। प्रशिक्षण में मिली जानकारी से सदस्य समुदाय में टीबी रोग पर फैली भ्रांतियों को दूर करने का काम करें। इस तरह के कार्यक्रम कंपनी द्वारा समुदाय के स्वास्थ्य एवं भलाई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

बीते वित्तवर्ष 600 से अधिक सामुदायिक सदस्यों को टीबी रोग की समस्या के बारे में जागरूक किया। बालको की आरोग्य परियोजना स्वास्थ्य देखभाल और समुदाय की सेवा करने पर केंद्रित है। आरोग्य परियोजना के उपचारात्मक सेवाओं के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2024 में लगभग 49000 व्यक्तियों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। कंपनी समुदायों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न सामाजिक कल्याणकारी परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। कंपनी हर 15 दिनों में दो मोबाइल स्वास्थ्य वैन भी संचालित करती है। ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट, एचआईवी, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभियानों के माध्यम से समुदायों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करती है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close