August 30, 2025 |

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छत्तीसगढ़

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चला ग्राम खाती में किया जनजागरण

Gram Yatra Chhattisgarh
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बेमेतरा (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में तथा चन्द्रबेस सिंह सिसोदिया जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीपी शर्मा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग बेमेतरा के मार्गदर्शन में पर्यवेक्षक में मीना शर्मा साजा परियोजना के सहयोग से ग्राम पंचायत खाती मे जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान ग्राम के आंगनबाड़ी में महिलाओं एवं पूर्व माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के  स्कूली छात्र/छात्राओं को राखी यादव केंद्र प्रशासक सखी वन स्टॉप सेंटर बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ किया गया था। उक्त बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान के प्रभावी रोकथाम हेतु जिले में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाल-विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है। बाल विवाह बच्चों के अधिकारों और उनके विकास को प्रभावित करता है। यह विकास को बाधित करने वाली गंभीर समस्या है जिसके पूर्ण रोकथाम के लिए सामाजिक, कानूनी और आर्थिक स्तर पर लोगों को जागरूक करना एवं इस कुप्रथा से होने वाले दुष्परिणामों को जन-जन को समझाना महत्वपूर्ण है। 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष, यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रुपये तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

 

 

कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसमें सहायता करता है उसे 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रुपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।

बाल विवाह के रोकथाम हेतु समस्त  एवं बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम हेतु शपथ भी दिलाई गयी। सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि सखी वन स्टॉप सेंटर एक ऐसी सेवा है जो पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिलाओं एवं लड़कियों को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराती है मुख्य प्रकार से चिकित्सा, विधिक, पुलिस, काउंसलिंग एवं आपातकालीन आश्रय प्रदान करती है। करिश्मा परवीन सुपरवाइजर एवं हीना साहू केस वर्कर के द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन के द्वारा चाइल्ड हेल्पलाइन के सेवाओं के बारे में जानकारी देते हुए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दिया गया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, समस्त विद्यार्थि एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

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