August 31, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़राजनीती

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नालंदा परिसर में मिलेट कैफ़े का किया शुभारंभ

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

19.04.23| यहां उन्होंने कोदो-कुटकी, रागी से बने लजीज़ व्यंजनों का स्वाद चखा।

  • मिलेट कैफ़े के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की प्रशंसा की।

नालंदा परिसर में आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहर के पहले मिलेट कैफ़े का शुभारंभ किया। अब नालंदा परिसर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आने वाले विद्यार्थी सहित रायपुर शहरवासियों को भी रागी, कोदो-कुटकी, ज्वार, संवा जैसे मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद मिल सकेगा। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज शहरवासियों से भेंट मुलाक़ात करने के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने इस कैफ़े की शुरुआत की।

राजधानी रायपुर के दूसरे मिलेट कैफ़े का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि अब नालंदा परिसर में पढ़ने आने वाले छात्र- छात्राओं को पोषक मिलेट्स के आहार मिलेंगे। पोषण के लिहाज़ से भी यह कैफ़े विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। इससे उनको अब जंक फ़ूड नहीं खाने पड़ेंगे और पढ़ाई के साथ स्वस्थ रहने की चुनौतियों से विद्यार्थी आसानी से निपट सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस मिलेट कैफ़े को शुरू करने के लिए कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे और नगर निगम के अधिकारियों की भी प्रशंसा की और सभापति श्री प्रमोद दुबे को भी मिलेट के पकवान खिलाए।

इस अवसर पर सीएम बघेल ने रागी से बना केक काटा और कुटकी से बना चीला, रागी ब्रेड का सैंडविच, रागी का वेजिटेबल कटलेट, कोदो की खीर , रागी का कप केक , रागी का हलवा और रागी की पाव भाजी का स्वाद भी लिया। सदियों पुराने सेहतमंद खानपान की शैली को फिर से मिल रहा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पीढिय़ों से रागी, कोदो जैसे अनाज हमारे आहार का प्रमुख हिस्सा हुआ करता था। किंतु आज इनका उपयोग सीमित हो गया है। ये अनाज सेहत के लिए जरूरी बहुत से पोषक तत्वों से युक्त होते हैं। इस कैफे से लोगों को इन अनाजों से तैयार व्यंजन के रूप में सेहतमंद विकल्प मिलेंगे। और इन सेहतमंद व्यंजनों की लोकप्रियता-उपयोग बढ़ेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close