August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

 

 

बिलासपुर । दीनबंधु सहयोग संस्था और आई.आई.एम.यू.एन संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में शासकीय स्वामी आत्मानंद (हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम) उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सकरी में आज, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तारतम्य में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आई.आई.एम.यू.एन. संस्थान के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आयुष सर ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के विभिन्न तरीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर हम जीवन के हर पहलू का सामना खुशी और संतुलन के साथ कर सकते हैं।

इस कार्यक्रम में स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. संध्या तिवारी, मधु चतुर्वेदी, डॉ. राजकुमार तिवारी, आई.आई.एम.यू.एन. संस्थान से मुस्कान पोटवानी, और दीनबंधु सहयोग संस्था के अध्यक्ष दीनदयाल साहू समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

 

मधु चतुर्वेदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “युवा पीढ़ी में आजकल छात्र-छात्राएं एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं, जो इस उम्र में उनके भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अपने मन पर नियंत्रण रखते हुए अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करना ही सच्ची सफलता की कुंजी है।”

 

दीनबंधु सहयोग संस्था के अध्यक्ष दीनदयाल साहू ने मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा, “आज के समय में मानसिक तनाव का एक बड़ा कारण अत्यधिक मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग है। हमें चाहिए कि हम तकनीक का संयमित उपयोग करें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ अधिक समय बिताएं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।”

 

कार्यशाला के अंत में बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें जूस और स्नैक्स प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और छात्रों को मानसिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close