August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
लोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिजकेशकाल वनमंडल के जंगल से अवैध परिवहन करते सागौन की लकड़ी जब्तमहापौर के मार्गदर्शन में निगम कराएगा 03 दिवसीय रामलीला मेला व दशहरा उत्सव का आयोजननो हेलमेट नो पेट्रोल : पेट्रोल पंप एसोसिएशन 1 सितम्बर से शुरू करेगा अभियानशिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: ओपी चौधरीराजस्व प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकृत करें अधिकारी: टंक राम वर्मासड़क दुर्घटना में घायल होने पर डेढ़ लाख का मुफ्त इलाजनगर सैनिक भर्ती हेतु चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम जारीराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जांजगीर के हॉकी मैदान से हाई स्कूल मैदान तक फिटनेस रैली का हुआ आयोजनइंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 4 बीएड-डीएलएड कॉलेजों की मान्यता रद्द, 250 सीटें घटीं

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर (ग्रामयात्रा छत्तीसगढ़ )। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (NCTE) ने देशभर के 380 बीएड/डीएड कॉलेजों, जिनमें छत्तीसगढ़ के 4 संस्थान भी शामिल हैं, की मान्यता रद्द कर दी है। इस फैसले से छत्तीसगढ़ में 250 सीटें घट गई हैं, जिन पर अब शैक्षणिक सत्र 2025–26 में प्रवेश नहीं हो सकेगा।

रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई
NCTE हर कॉलेज से प्रत्येक वर्ष शैक्षणिक गतिविधियों की वार्षिक रिपोर्ट मांगता है। लेकिन जिन कॉलेजों की मान्यता रद्द हुई, उन्होंने न रिपोर्ट दी और न नोटिस का जवाब दिया। इसके चलते NCTE की मान्यता समिति ने अपनी 423वीं बैठक में यह बड़ा फैसला लिया।

छत्तीसगढ़ के इन चार कॉलेजों की मान्यता समाप्त की गई:
श्री कृष्णा कॉलेज, जांजगीर-चांपा
कांति दर्शन महाविद्यालय, राजनांदगांव
श्रीराम शिक्षा महाविद्यालय, राजनांदगांव
श्री शिरडी साईं शिक्षण, अंबिकापुर

इनमें संचालित बीएड, डीएलएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रमों की 100+100+50 यानी कुल 250 सीटें अब बंद मानी जाएंगी।

राज्य में कुल कितनी सीटें?
छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 140 बीएड कॉलेज हैं, जिनमें 14,500 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं  89 डीएलएड कॉलेज में 6,700 सीटें उपलब्ध हैं।

NCTE के इस निर्णय से राज्य में बीएड और डीएलएड की उपलब्ध सीटों में गिरावट आ गई है, जिससे इच्छुक अभ्यर्थियों को आने वाले सत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

शिक्षा विभाग की नजरें अब बाकी संस्थानों पर
अब बाकी मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों को भी सतर्कता बरतनी होगी क्योंकि NCTE की ओर से स्पष्ट संकेत है कि रिपोर्टिंग और पारदर्शिता में चूक होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close