रहमान की आपत्ति के बाद भी सजग नहीं हुई पुलिस, एक ही पीड़ित पर 48 घंटे में दोबारा हमला, पहले हमले में सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस – अब फिर से वारदात को दिया गया अंजाम
कोरबा। पुलिस की लापरवाही और क्षेत्रीय सीमा विवाद में उलझने की कीमत एक निर्दोष युवक को दो-दो बार खून से लथपथ होकर चुकानी पड़ी। स्थानीय पार्षद अब्दुल रहमान ने पहले ही मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर आपत्ति जताई थी, लेकिन चेतावनी के बाद भी न तो गश्त बढ़ाई गई और न ही आरोपियों की धरपकड़ हुई। नतीजा — महज दो दिन बाद वही युवक फिर हमलावरों के निशाने पर आ गया।
घटना रविवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच की है। घायल युवक देवेश सिंह, जो रविशंकर शुक्ल नगर के राठौर स्ट्रीट में किराये के मकान में रहता है, रोज की तरह कॉलोनी के मंदिर में दर्शन के लिए गया था। लौटते वक्त मंदिर के पास पक्की सड़क पर एक चारपहिया वाहन में सवार 7–8 लोगों ने उसे रास्ते से उठाया, गाड़ी में बिठाया और थोड़ी दूर ले जाकर बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने चाकू जैसे धारदार हथियार से भी वार किए और उसे धमकाते हुए कहा कि “अगर रिपोर्ट वापस नहीं ली तो भाई और मां को जान से मार देंगे।”
इस दौरान वहां कचरा बिनने वाली कुछ महिलाएं पहुंच गईं, जिनकी मौजूदगी से घबराकर आरोपी उसे वहीं फेंककर फरार हो गए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग पहुंचे और लहूलुहान देवेश को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को ही देवेश पर पहले भी हमला हुआ था, जब दो अज्ञात व्यक्ति किराए का मकान देखने के बहाने उसके घर में घुसे और ब्लेड से हमला कर नकदी व सोने-चांदी के जेवर लूट लिए थे। उस हमले की रिपोर्ट पर पुलिस ने केवल औपचारिक कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था, लेकिन सीमा विवाद में उलझी पुलिस ने जांच ठंडे बस्ते में डाल दी।
पीड़ित के भाई सौरभ सिंह (असिस्टेंट मैनेजर, एसीबी लिमिटेड, रतिजा वाशरी) ने बताया कि उन्होंने वारदात के बाद तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराई थी, मगर पुलिस ने न तो आरोपियों की पहचान की, न गिरफ्तारी की।
स्थानीय पार्षद अब्दुल रहमान ने कहा कि उन्होंने पहले ही थाना प्रभारी को क्षेत्र में अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर सचेत किया था, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। “आज एक ही युवक पर दोबारा हमला यह साबित करता है कि पुलिस तंत्र पूरी तरह लापरवाह हो चुका है,” पार्षद ने कहा।
फिलहाल घायल देवेश सिंह जिला अस्पताल में उपचाररत है, वहीं दोनों घटनाओं के आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। घटना के बाद से मोहल्ले में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।
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