August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
लोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिजकेशकाल वनमंडल के जंगल से अवैध परिवहन करते सागौन की लकड़ी जब्तमहापौर के मार्गदर्शन में निगम कराएगा 03 दिवसीय रामलीला मेला व दशहरा उत्सव का आयोजननो हेलमेट नो पेट्रोल : पेट्रोल पंप एसोसिएशन 1 सितम्बर से शुरू करेगा अभियानशिक्षा में मेंटरशिप सामाजिक न्याय और समान अवसर का मजबूत आधार: ओपी चौधरीराजस्व प्रकरण निर्धारित समय सीमा में निराकृत करें अधिकारी: टंक राम वर्मासड़क दुर्घटना में घायल होने पर डेढ़ लाख का मुफ्त इलाजनगर सैनिक भर्ती हेतु चयनित अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम जारीराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जांजगीर के हॉकी मैदान से हाई स्कूल मैदान तक फिटनेस रैली का हुआ आयोजनइंडिया टुडे–MOTN सर्वे: छत्तीसगढ़ के CM विष्णु देव साय को गृह राज्य में 41.9% लोगों ने बताया संतुष्ट — बड़े राज्यों में दूसरे स्थान पर
छत्तीसगढ़

विधायक जयसिंह अग्रवाल ने खोली साड़ियों की दुकान ! इस कीमत पर होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध…

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

कोरबा – कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल को कहीं आप भूल तो नहीं गए न? आप भूल न जाएं इसलिए नेताजी ने विशेष प्रबंध कर रखा है पहले इलाके के लोगो को अपने नाम छपे बैग बंटवा दिया बाद में किसी ने बताया कि लोग नाम से शायद न पहचाने क्योंकि पिछले कई महीनों से तो बैनर और विज्ञापनों में आपने जयसिंह अग्रवाल अपने फोटो के साथ लिखवाया है ऐसे में वो कोई और जयसिंह अग्रवाल विधायक कोरबा न समझ लें तो नेताजी ने चतुराई दिखाई थोक में 1 लाख साड़ियां मंगवाई और एक रिश्तेदार को इसके वितरण का जिम्मा दिया ताकि कोई हेर फेर न हो। भरोसे का मामला तो उनका आप सभी जानते ही हैं साड़ियों के साथ बांटे गए झोले में बकायदा जयसिंह अग्रवाल विधायक के साथ अपना फोटो डलवाना भी नेताजी इस बार नहीं भूले है। साड़ियों की कीमत केवल विधानसभा चुनाव में आपका वो बहुमूल्य वोट है जिसकी पेशगी अभी अदा की जा रही है। साड़ी से ज्यादा अच्छी क्वालिटी झोले की है। क्योंकि झोले में नेताजी की तस्वीर लगी हुई है ये साड़ियां रमन सिंह के उस स्मार्ट फोन को तरह ही है जो था तो स्मार्ट लेकिन काम करता था पूरा सपाट ! साड़ियों को झोले से निकालते ही बांटने वाले को मतदाता अच्छे शब्द कहते नहीं चूकते है।

मंत्री जी ओह फिलहाल कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल जी का मैनेजमेंट भी गजब का है दुकान के नाम से साड़ियां मंगवा ली गई जो किसी भी चेकिंग पॉइंट में नहीं पकड़ी गई अब लगातार वितरण भी हो रहा है और कोई धर पकड़ नहीं हो रही है। प्रशासन के मुखबिर भी वितरण की कोई सटीक सूचना नहीं दे पा रहे है। वरना थोक के दाम में ही 40 से 60 रुपए मिलने वाली ये साड़ियां पकड़ में आने के बाद कोरबा प्रशासन का मान जरूर बढ़ता ! बीजेपी भी इसको मुद्दा नहीं बना रही है क्योंकि उनको भी आगे कुछ न कुछ वितरण तो करना ही है। इसीलिए विशाल केलकर का वो जिंगल काफी फेमस हुआ 10 का मुर्गा खाओगे तो ऐसे ही सड़क पाओगे ! साड़ियां लेने में बुराई नहीं है लेकिन मतदान किसी भी पार्टी को उनके कामों के आंकलन से करना हम सबका फर्ज बनता है। गुणवक्ताहीन साड़ियों को देख तो संगीतगार अज़ीज़ नाज़ा के कव्वाली के वो बोल याद आते है “आज जवानी पर इतराने वाले कल पछतायेगा, चढ़ता सूरज धीरे धीरे ढलता है ढल जायेगा”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close