August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़नेशनल

वाटरफॉल में बहा टीचर, 6 घंटे बाद भी नहीं मिला:साथियों के साथ गया था पिकनिक मनाने, पार करते समय फंसे तीनों; 2 को बचाया

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

कोरबा जिले के देवपहरी जलप्रपात में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां पानी पार करते वक्त टीचर और उसके साथी बीच में फंस गए। मगर उसी दौरान तेज बहाव आया। जिसमें टीचर बह गया है। वहीं उसके 2 साथियों को किसी तरह बचा लिया गया है। मामला लेमरू थाना क्षेत्र का है।

इधर, घटना के 6 घंटे बीत जाने के बाद भी टीचर का कोई सुराग नहीं मिला। रेस्क्यू टीम शुक्रवार शाम तक उसकी तलाश करती रही, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। रात होने के कारण रेस्क्यू बंद कर दिया गया है। अब शनिवार को फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।

देवपहरी में बारिश के दौरान पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है।
देवपहरी में बारिश के दौरान पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है।

जांजगीर से पिकनिक मनाने पहुंचे थे

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा के रहने वाले, आयुष जैन(25), लक्ष्मीकांत शर्मा(45) और सत्यजीत राहा ​​​​​​(55) पिकनिक मनाने के लिए देवपहरी जलप्रपात पहुंचे थे। इनमें से सत्यजीत राहा अकलतरा में किसी स्कूट में टीचर थे। यहां पहुंचने पर तीनों ने मस्ती की। खाना खाया, फिर तीनों ने प्लान बनाया कि पानी को पार कर वे वाटरफॉल के बीच में बने वॉच टावर में जाकर बैठेंगे।

दोपहर के करीब 12 बजे तीनों ने पानी को पार करना शुरू किया, लेकिन उसी समय पानी का बहाव तेज हो गया और तीनों बीच में ही फंस गए। तीनों किसी तरह से वहां से निकलना चाहते थे। मगर ऐसा हुआ नहीं। उसी दौरान तेज बहाव में सत्यजीत राहा बह गया। जबकि आयुष और लक्ष्मीकांत वहां पानी में ही पत्थर के सहारे खड़े रहे।

बरसात के दिनों में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close