August 30, 2025 |

NEWS FLASH

Latest News
मुख्यमंत्री साय ने नगर पालिका जशपुर को दिया बड़ा विकास उपहारबीजापुर बाढ़ में बही लड़कियों की लाश मिली, झाड़ियों से बरामदग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने शुरू होगा ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रमकोरबा में 52 हाथियों का झुंड खेतों में घुसा,50 किसानों की फसल को नुकसानकोरबा डायल-112 चालकों की मांग, नियमित वेतन और सुविधाएंमुख्यमंत्री साय का स्वागत करने जवाहर नगर मंडल के पदाधिकारी बस से रवानाबस्तर में भारी भूस्खलन: सरगीगुड़ा पहाड़ समतल; जनहानि नहींमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये..नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: सुरक्षा बलों ने बरामद किए 300 से अधिक हथियार और विस्फोटक सामग्रीलोक सेवा आयोग ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को किया खारिज
छत्तीसगढ़

ग्रामीणों ने रोका पानी, उद्योगपतियों में मची खलबली

Gram Yatra Chhattisgarh
Listen to this article

रायपुर/धरसींवा। नाराज ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैक्ट्रियों के पंप हाउस बंद कर दिए. इससे उद्योगों में खलबली मच गई। क्षेत्र की जीवनदायिनी खारुन नदी से उद्योगों को मुरेठी तट से पानी भरपूर मात्रा में दिया जा रहा है लेकिन उद्योगपति ग्रामीणों की समस्याओं को नजरअंदाज करते आ रहे थे। इसके बाद सिलतरा क्षेत्र के उद्योगपतियों ने विधायक अनीता शर्मा से पानी सप्लाई शुरू कराने के लिए निवेदन किया। विधायक ने ग्रामवासी व उद्योगपतियों की बैठक कर स्थल निरीक्षण किया। बैठक में ग्रामवासियों की समस्याएं सुनने के बाद संयंत्र मालिकों को सभी समस्याओं को हल करने का निर्देश दिया। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि मेरे क्षेत्र की जनता का जो निर्णय होगा वहीं मेरा निर्णय है। उद्योगपतियों ने भी सड़क, शौचालय निर्माण, पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने व नाले की सफाई तालाब की सफाई एवं कुछ अन्य समस्याओं को हल करने का आश्वासन दिया। इसके लिए 15 दिन का समय मांगा गया। जिस पर ग्रामवासियों ने सहमति जताई। ग्रामीणों की सहमति के बाद विधायक अनीता शर्मा ने संयंत्र मालिकों को 15 दिन का समय दिया. इसके साथ-साथ चेतावनी भी दी कि भविष्य में ऐसी कोई भी गलती ना करें जिससे कि यह नौबत दोबारा उत्पन्न हो। भीषण गर्मी के चलते गांवों में निस्तारी को लेकर कठिनाई हो रही है ऐसे में पानी नहीं मिलने से गा्रमीण खासे नाराज चल रहे थे। गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद गांवों के तालाबों को भरने का प्लान शासन ने बनाया था। इसके चलते गंगरेल से पानी छोड़ा गया था।

Related Articles

Check Also
Close