कोरबाखास खबरछत्तीसगढ़

खाकी फिर हुई कलंकित, मजदूर युवकों को डरा धमकाकर पैसे की मांग कर रहा प्रधान आरक्षक, एसपी से हुई शिकायत

कोरबा जिले में ये कैसी सामुदायिक पुलिसिंग चल रही है? मजदूरी कर अपने घर लौट रहे युवकों को मानिकपुर चौकी पुलिस ने पकड़कर मारपीट करते हुए डरा धमकाकर 20 हज़ार रुपये मांगा नही देने पर धारा बढ़ाते हुए जेल भेज देने की धमकी दिए जाने का आरोप युवकों ने लगाया है।

युवकों ने बताया कि मामला 7 जनवरी शुक्रवार की रात करीब दस बजे की है जब गायत्री नगर, एस.बी.एस. कॉलोनी, एस.ई.सी.एल. निवासी तीन मजदूर युवक अखिलेश खरे, विकास जांगड़े व सूरज जांगड़े अपने इंपल्स वाहन CG 12 A AG 1073 में सवार होकर दादर से मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे इस दौरान रवि शंकर शुक्ल नगर, दादर चौक में स्थित मेडिकल स्टोर के समीप विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ़्तार मोटरसाइकिल चालक ने युवकों को ठोकर मार दिया। हादसे में दोनों मोटरसाइकिल सवार गिर पड़े इतने में ठोकर मारने वाले वाहन चालक घटना स्थल से फरार हो गया, युवक को भागता देख एक युवक चिल्लाने लगा, प्रार्थी सूरज जांगड़े ने बताया कि हमारे साथ हुए दुर्घटना देख एक मेडिकल स्टोर संचालक ने मानिकपुर चौकी पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी इतने में चौकी से प्रधान आरक्षक संतोष सिंह घटना स्थल पहुंचकर तीनो युवकों को चौकी ले गए जहाँ उनके साथ गाली गलौच करते हुए मारपीट की गई साथ ही उनका मोबाइल व जेब में रखे 7 हज़ार रुपये को ले लिया गया।

प्रधान आरक्षक संतोष सिंह ने युवकों को धमकी देते हुए कहा कि 20 हजार रुपये और लेकर आओ तब तुम्हारा गाड़ी व मोबाइल मिलेगा नही तो धारा बढ़ा कर जेल भेजूंगा। डरे सहमे युवकों ने पुलिस के सामने गिड़गिड़ाया हाथ पैर जोड़े लेकिन युवकों की एक न सुनी।

 

युवकों ने बताया कि मोबाइल बेंचकर पैसे की व्यवस्था करने की बात कहने पर प्रधान आरक्षक ने मोबाइल देकर छोड़ दिया।

इस मामले में एक ऑडियो टेप सामने आया है जिसमें फोन कर कहा जा रहा है कि तेरे को नही आना है क्या तो युवक ने कहा मैं गरीब आदमी हूँ आप इतना पैसा बोल रहे हो कैसे करूँ, तो पुलिस वाले ने कहा तू पैसे की बात मत कर तेरी गाड़ी कोर्ट में पेश हो रही है वहाँ 15 हज़ार रुपये फाइन पटाना पड़ेगा तुम लोगों का अलग केश बना है और गाड़ी का अलग बना रहा हूँ दस बजे का समय लेकर गया था न और तेरा अभी तक अता पता नही है तू अभी कुछ मत कर तू चौकी आ तब मैं समझूंगा की तू सही है। मामले का निपटारा करना होगा तो तू कल अपने भाई को लेकर आ जाना चौकी नही आए तो तुम जानो तुम्हारा काम जाने कल चालान पेश होना है तू कल सबेरे आके बात कर मेरे से। पीड़ित युवकों ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत करते हुए न्याय दिलाने की मांग की है।

बहरहाल पुलिस कप्तान जिले में सामुदायिक पुलिसिंग के जरिये पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने का सफल प्रयास कर रहे हैं तो वहीं उनके ही कर्मचारी आम जनता से पैसे की मांग कर उनकी मेहनत पर पानी फेरने में लगे हैं।

कुछ इसी तरह का मामला उरगा थाना क्षेत्र से सामने आया है जहां ग्राम नोनबिर्रा के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ सरवन कुमार नेताम पिता शिव सिंह नेताम, उम्र 48 वर्ष ने उरगा पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उरगा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक अनिल खाण्डे अपने सहयोगियों से मिलकर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपये की मांग की इस पर सरवन ने उधारी लेकर बीस हजार रुपये नगद दिया। इसके बाद भी पुलिस द्वारा कहा गया कि अगर तुम शेष राशि नहीं दिये तो उक्त पीड़ित लड़की को बुलाकर तुम्हारे खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दूंगा। उसके बाद तुम्हारा बाप भी तुम्हें बचा नहीं पायेगा। इस पूरे मामले की शिकायत स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ सरवन कुमार नेताम ने पुलिस अधीक्षक से की है।

 

 

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