छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ मे सीमेंट और लोहे के दामों में जबरदस्त वृद्धि,,,

छत्तीसगढ़ में लोहे और सीमेंट उद्योग ने खासी प्रगति की है |

लेकिन देश के अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में ही सीमेंट और लोहे के दामों में जबरदस्त वृद्धि की गई है |

जब कच्चे माल के दाम में गिरावट का दौर देखा जा रहा है , तो लोहे और सीमेंट के दाम में उछाल आना हैरानी भरा नजर आ रहा है |

यही नहीं इन उद्योगों को राज्य सरकार की ओर से बड़े पैमाने पर करों और बिजली की दरों में छूट दी गई है |

राज्य सरकार के राहत पैकेज से स्टील उद्योग ने तो दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति की है |

इसके बावजूद भी उनके उत्पादों में बेलगाम वृद्धि ने लोगों को मुसीबत में डाल दिया है |

बताया जा रहा है कि सरिया और सीमेंट के दाम में हुई वृद्धि से 30 हजार करोड़ के निर्माण कार्यों के ठप्प होने का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है |

वही हजारों लोगों ने अपने घरों के निर्माण कार्यों में कटौती कर दी है |

अचानक बढ़ी कीमतों से आम लोगों को घर बनाने का सपना चूर-चूर होने लगा है |

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन ने तो साफ़ कर दिया है कि जल्द रेट नहीं कम कराये गए तो वे सरकारी कामकाज बंद कर देंगे |

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर संघ के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि सरिया और सीमेंट के दाम में फ़ौरन अंकुश लगना चाहिए | उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पांच साल पुराने SOR को भी बदले |

उधर स्टील और सीमेंट उत्पादन से जुड़े संगठनों के पदाधिकारियों की दलील है कि लगातार बीते छह माह से वे चंदाखोरी से परेशान है

उनके उत्पादनों पर कही प्रति क्विंटल तो कही प्रति टन अवैध वसूली की जा रही है | राज्य सरकार ने एक हाथ से आर्थिक पैकेज दिया , तो दूसरे हाथ से वसूल भी लिया |

ऐसे में उनके सामने दाम बढ़ाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है | पदाधिकारियों ने अपना नाम ना जाहिर करने की शर्त पर कहा कि उद्योग पतियों से चंदे के नाम पर हो रही वसूली का भार आम ग्राहकों पर ही तो पड़ेगा | वे अपने घर से रकम थोड़ी देंगे |

जानकारी के मुताबिक खुले बाजार में 32 से 34 रूपये प्रतिकिलों बिकने वाले सरिया की कीमत महीने भर में 58 रूपये प्रति किलों तक पहुंच गई है |

बताया जा रहा है कि सरिया की कीमत में पिछले दो माह से लगातार बढ़ोतरी हो रही है | आज इसकी कीमत 58 हजार रूपये टन हो गई है | जबकि दो माह पूर्व 36 हजार रूपये टन की कीमत पर यह बेचा जा रहा था | यही हाल सीमेंट का है | खुले बाजार में विभिन्न कंपनियों के बिकने वाली सीमेंट के दाम में भी 20 से 25 रूपये प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है | अचानक हुई बढ़ोत्तरी ने रिटेलर को मुश्किल में डाल दिया है | दरअसल आम ग्राहक दाम में खोट निकाल रहे है | उधर थोक कारोबारियों ने भी रिटेलर को भी साफ़ कर दिया है कि जब कंपनी से ही दाम बढ़कर आ रहा है , तो वे क्या करे |

सरिया और सीमेंट की कीमत में लगी आग के कारण सरकारी-गैर सरकारी निर्माण कार्य ठप्प पड़ने लगे है | लोगों का बजट बिगड़ने लगा है | छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर संघ के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के मुताबिक प्रदेश में 30 हजार करोड़ से ज्यादा की विभिन्न योजनाओं का कामकाज प्रभावित हुआ है | कई ठेकेदारों के काम बंद कर देने से मज़दूर भी घर बैठ गए है | उन्होंने साफ़ कर दिया है कि जल्द ही दाम कम नहीं किये गए तो सभी ठेकेदार एक साथ निर्माण कार्य ठप्प कर देंगे | उन्होंने बताया कि ठेकेदारों को निर्माण कार्यों के लिए सरिया की कीमत 42 हजार रूपये प्रति टन मिल रही है | ऐसे में 58 हजार रूपये टन सरिया खरीदना उनके वश में नहीं है | सीमेंट के दाम में हुई वृद्धि को लेकर भी उन्होंने सरकारी को आड़े हाथों लिया | उनके मुताबिक सरिया और सीमेंट के अलावा अन्य निर्माण सामाग्री की कीमत भी बढ़ गई है | डामर की कीमत में भी डेढ़ माह में 30 फीसदी तक की वृद्धि हुई | आमतौर पर 18-20 हजार रूपये टन बिकने वाला डामर आज 25 हजार रुपए टन हो गया है |

छत्तीसगढ़ में स्टील और सीमेंट उद्योग जबरदस्त लाभ का धंधा है | इस कारोबार में जुटे लोगों के मुताबिक राज्य शासन को गलत जानकारी देकर उद्योगपति बड़ी आर्थिक छूट और पैकेज प्राप्त कर रहे है | उनकी मुनाफाखोरी से जनता का बुरा हाल हो रहा है | जहां सीमेंट और सरिया का उत्पादन हो रहा है , उन इलाकों में इसकी कीमतों में कमी और नियंत्रण होना लाजमी है | लेकिन छत्तीसगढ़ के पडोसी राज्यों में इनकी कीमते ना केवल स्थिर है , बल्कि राज्य की तुलना में बेहद कम है |

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